Research Icon:- ऑटो शेयर गिरकर एक साल के सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं।
ऑटो शेयर गिरकर एक साल के सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं।
इसकी सबसे बड़ी वजह गाड़ियों की घटती बिक्री के कारण बढ़ता नकदी संकट है। ऑटो कंपनियों को अप्रैल 2020 से BS-IV से अपग्रेड होकर BS-VI फ्यूल वाली गाड़ियां उतारना है। इसकी वजह से कंपनियों की कॉस्ट बढ़ गई है। इसके साथ ही नई-पुरानी गाड़ियों रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ने से भी ऑटो इंडस्ट्री को चोट पहुंची है।
इस साल अब तक कुल 16 ऑटो और ऑटो आंसिलियरी कंपनियों के शेयर गिरे हैं। इनमें से 15 कंपनियों के शेयरों में डबल डिजिट में गिरावट आई है। इनमें Bharat Forge, Tata Motors, Maruti Suzuki India, Ashok Leyland,
Eicher Motors, M&M, Apollo Tyres, Exide Industries और TVS Motor Company सहित कई दूसरी कंपनियां हैं।
देश की GDP में ऑटो सेक्टर की हिस्सेदारी 7 फीसदी से ज्यादा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि ऐसे सेक्टर में दिक्कत आने का मतलब है कि इसका दायरा काफी बड़ा होगा।
ग्लोबल ब्रोकरेज इन स्टॉक्स को लेकर काफी चिंतित हैं। नोमुरा का कहना है कि लागत बढ़ने की वजह से दोपहिया गाड़ियों की सेल्स घटी है। इनकी लागत में 2.5 फीसदी इजाफा हुआ है। इसके बाद कार और मीडियम एंड हेवी व्हीकल्स हैं जिनकी लागत 1 फीसदी बढ़ी है।
CLSA का कहना है कि 2019 में हम ऑटो सेक्टर को लेकर सजग हैं। इनकी हालत बदलने वाली वजहें बहुत कम हैं। CLSA ने अपने ऑटो कवरेज में शामिल 70 फीसदी को सेल रेटिंग दी है।
ऑटो सेक्टर के संगठन का कहना है कि कार सेल्स घटने की वजह से 200 से ज्यादा शोरूम बंद हो चुके हैं। ऑटो इंडस्ट्री में करीब 80 लाख लोग काम करते हैं।
For Quick Trial – 8871888787 ✔
or mail us here: support@researchicon.com
or visit http://www.researchicon.com/free-trial
or visit http://www.researchicon.com/free-trial



Comments
Post a Comment